दर्द पे हंसी !!!!!
५ साल तक अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीडिता की रिपोर्ट पर पुलिस के अधिकारी का हँसना तो ये ही साबित करता है की पुलिस का डर सिर्फ आम जनता में रह गया है अपराधियों में नही। जब कानून के रक्षक ही जनता के लिए भक्षक बन जायेंगे तो पुलिस और अपराधियों में क्या फर्क रह जाएगा। हर रोज दुष्कर्म हो रहें हैं और हमारी पुलिस सिर्फ प्रदर्शन कारियों को रोकने का काम करती हैं। अपराध या अपराधियों को नही। इन ५ महीनों में दुष्कर्म के कितने मामले सामने आये और अब तक आ रहे है। बस एक शोर होता हैं और फिर शांति जैसे की कुछ हुआ ही नहीं हो।
५ साल तक अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के बाद पीडिता की रिपोर्ट पर पुलिस के अधिकारी का हँसना तो ये ही साबित करता है की पुलिस का डर सिर्फ आम जनता में रह गया है अपराधियों में नही। जब कानून के रक्षक ही जनता के लिए भक्षक बन जायेंगे तो पुलिस और अपराधियों में क्या फर्क रह जाएगा। हर रोज दुष्कर्म हो रहें हैं और हमारी पुलिस सिर्फ प्रदर्शन कारियों को रोकने का काम करती हैं। अपराध या अपराधियों को नही। इन ५ महीनों में दुष्कर्म के कितने मामले सामने आये और अब तक आ रहे है। बस एक शोर होता हैं और फिर शांति जैसे की कुछ हुआ ही नहीं हो।
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